
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विकास की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।
पहले जहां गांवों में स्कूलों की कमी थी, वहां आज स्मार्ट क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षक और मिड-डे मील जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लड़कियों का नामांकन दोगुना हो गया।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी क्रांति आ गई। आयुष्मान भारत से करोड़ों परिवार लाभान्वित, नए स्वास्थ्य केंद्रों ने गंभीर बीमारियों पर अंकुश लगाया। मोबाइल मेडिकल यूनिट दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचीं, मातृ मृत्यु दर घटी।
कृषि और आजीविका योजनाओं ने आर्थिक मजबूती दी। किसान सम्मान निधि, सिंचाई परियोजनाओं से उपज बढ़ी, पलायन रुका। स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
ग्रामीण कहते हैं, ‘गांव शहरों जैसा हो गया।’ आंकड़े साक्ष्य देते हैं: ग्रामीण साक्षरता 70% पार, शिशु मृत्यु दर में 25% कमी। चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन दिशा साफ है। यूपी का मॉडल देश के लिए प्रेरणा।