
उत्तर प्रदेश सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। राज्य में रिक्त पदों की पूर्ति तेजी से हो रही है, साथ ही आधारभूत संरचना और छात्राओं की दैनिक जरूरतों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज हुई है। राज्य परियोजना कार्यालय ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग अब खाद्यान्न, उपयोगी सामग्री और स्टेशनरी की निर्बाध आपूर्ति कर रहा है। सख्त नीतियों, निरंतर निगरानी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण से केजीबीवी सुरक्षित आवासीय स्कूलों के साथ आधुनिक शिक्षा केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। विभिन्न जिलों में एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और शौचालय ब्लॉक का तेजी से निर्माण पूरा हो चुका है।
प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39), एटा (35) जैसे जिलों में रिक्तियों की पूर्ति प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है। वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर में शून्य रिक्तियां हैं, जो प्रभावी प्रबंधन को दर्शाता है। रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट, वॉशिंग मशीन जैसी सुविधाएं छात्राओं का जीवन सरल बना रही हैं।
लोक संगीत वाद्ययंत्र, ओपन जिम और ‘एक केजीबीवी-एक खेल’ जैसी योजनाएं समग्र विकास सुनिश्चित कर रही हैं। भवन मरम्मत में बलरामपुर 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर चुका है। बाराबंकी (34 कार्य), हरदोई (33), लखीमपुर खीरी (27) में निर्माण समाप्त हो चुके हैं, जबकि बरेली, गोंडा, देवरिया, लखनऊ में हैंडओवर प्रक्रिया चल रही है।
योगी सरकार का यह प्रयास प्रदेश की बेटियों को सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

