
उत्तर प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
लखनऊ में छिपे आरोपी को कल रात विशेष टीम ने धर दबोचा। उसके पास से बरामद दस्तावेजों में वितरण का पूरा ब्योरा मिला है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग मिल रहे हैं।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कई जिलों में बच्चे सिरप पीने से गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। जांच में सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल नामक घातक रसायन पाया गया। अब तक 25 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
शुभम जायसवाल को पहले ही कानपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके बयानों से मौसेरे भाई की संलिप्तता सामने आई। वह सिरप की आपूर्ति और वितरण का जिम्मेदार था। गोदामों पर छापों से भारी मात्रा में नकली दवा बरामद हुई।
सरकार ने प्रभावित कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। विशेष जांच टीम गठित की गई है। डॉक्टरों ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। यह घटना दवा उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण की कमी को उजागर करती है।
पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस पूरे गिरोह को उजागर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।