
उत्तर प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी से नकली दवाओं के नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
पुलिस ने बताया कि शुभम की पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई। संदिग्ध को कल रात गुप्त निगरानी में पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि वह नकली सिरप के उत्पादन और वितरण में अहम भूमिका निभा रहा था।
यह मामला पिछले महीने तब सुर्खियों में आया जब लखनऊ और आसपास के जिलों में कई बच्चे इस सिरप पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। जांच में सिरप में घातक रसायनों की मौजूदगी पाई गई। राज्यव्यापी छापेमारी में अवैध लैबें बेनकाब हुईं।
पूछताछ टीम रात-दिन जुटी है। कच्चे माल की सप्लाई चेन और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क पर नजर। स्वास्थ्य विभाग ने असत्यापित दवाओं के खिलाफ अलर्ट जारी किया है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।
यह गिरफ्तारी दवा नियमन में खामियों को उजागर करती है। सरकार सख्त सुधारों का वादा कर रही है। आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना। जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अभियान तेज।