
उत्तर प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है, क्योंकि संदिग्ध पर उत्पादन और वितरण नेटवर्क में प्रत्यक्ष संलिप्तता के आरोप हैं।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कई बच्चे इस सिरप पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। राज्य भर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी और कम से कम दो मौतें भी दर्ज हो चुकी हैं। शुभम जायसवाल, जो पहले ही हिरासत में है, पर पूरे रैकेट का सरगना होने का शक है। उसके मौसेरे भाई की गिरफ्तारी से परिवारिक साठगांठ की आशंका मजबूत हुई है।
पुलिस ने लखनऊ और आसपास के इलाकों में छापेमारी की, जहां से जहरीला सिरप, कच्चा माल और पैकेजिंग मटीरियल जब्त किया गया। पूछताछ में संदिग्ध ने रसायनों की खरीद और लॉजिस्टिक्स में मदद करने की बात कबूल की है। स्पेशल टास्क फोर्स के अधिकारी जांच को और व्यापक बनाने में जुटे हैं, फोरेंसिक रिपोर्ट्स का इंतजार कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों से संदिग्ध दवाओं को फेंकने और शिकायत दर्ज करने की अपील की है। राज्य सरकार ने ओवर-द-काउंटर सिरप्स पर सख्त नियंत्रण का ऐलान किया है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं, उम्मीद है कि यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकेगी।