
उत्तर प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के मामले में पुलिस को बड़ा झटका लगा है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी से नकली दवाओं के रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर विशेष टीम ने संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में वह वितरण नेटवर्क और सामग्री आपूर्ति में अपनी भूमिका उजागर करने को तैयार है। जायसवाल पर निर्माण और बिक्री का आरोप है, जबकि उसका रिश्तेदार लॉजिस्टिक्स संभालता था।
घटना ने राज्य में दवा नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। अस्पतालों में जहर के लक्षणों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
प्रशासन ने छापेमारी तेज कर दी है। कई फार्मेसियों पर नकली सिरप जब्त हुए। सरकार ने कड़े नियमों का वादा किया है। जांच आगे बढ़ने से और आरोपी पकड़े जा सकते हैं। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। यह मामला दवा उद्योग में सुधार की जरूरत बताता है।