
उत्तर प्रदेश में जहरीले कफ सिरप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से नकली दवा के रैकेट की परतें खुलने लगी हैं, जो कई जिंदगियों की जान ले चुका है।
लखनऊ में छिपे आरोपी को देर रात विशेष टीम ने दबोचा। पूछताछ में उसने वितरण नेटवर्क में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी जांच को नई दिशा देगी। सिरप में घातक रसायनों की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब बच्चे और वयस्कों की तबीयत बिगड़ने लगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। शुभम का वेयरहाउस था जहरीली दवाओं का केंद्र।
परिवार के सदस्य की संलिप्तता से पुलिस अन्य रिश्तेदारों पर नजर रखे हुए है। छापेमारी में लाखों का माल जब्त। दवा नियामकों की लापरवाही पर सवाल उठे हैं। राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि पूरा गिरोह उजागर किया जाएगा। यह घटना दवा बाजार में सुरक्षा की जरूरत बताती है। उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।