
लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल पर एकत्र होकर उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए। यह प्रदर्शन विपक्ष की आक्रामक रणनीति का संकेत देता है।
सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने साइकिल पर सवार होकर सभा स्थल पहुंचकर सबका ध्यान खींचा। वाराणसी में मंदिरों के विध्वंस को गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि सत्र में इसे प्रमुखता से उठाया जाएगा। विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सरकार को कटघरे में खड़ा करने का ऐलान किया।
बजट सत्र में विपक्ष मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण, कोडीन कफ सिरप तस्करी, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने को तैयार है। सपा सदस्यों के भाषणों के दौरान हंगामा और विरोध की पूरी संभावना है। राज्यपाल अभिभाषण के बाद विधायी कार्यों को पूरा किया जाएगा।
मंगलवार को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही बुधवार तक स्थगित रहेगी। बुधवार को 2026-27 का बजट पेश होगा। विधान भवन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। रविवार की सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सुचारू संचालन का भरोसा दिया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि संवाद और स्वस्थ बहस लोकतंत्र की नींव हैं, शोरगुल का स्थान नहीं।