
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है। बागपत में 5000 टीसीडी क्षमता वाली नई सहकारी चीनी मिल की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में नियोजन विभाग की 101वीं बैठक में इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पर सहमति बनी।
वर्तमान 2500 टीसीडी क्षमता को दोगुना करने और रिफाइंड शुगर उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने का संशोधित प्लान पास हुआ। परियोजना की लागत 407 करोड़ रुपये है, जिसमें 50 प्रतिशत राज्य की इक्विटी और बाकी ऋण से पूरा होगा। 2026-27 बजट में 100 करोड़ के ऋण प्रस्ताव के निर्देश जारी हो चुके हैं।
कमांड क्षेत्र में अगले पांच सालों तक सालाना 8 लाख टन गन्ना उपलब्ध रहेगा। पुरानी 30 वर्ष से अधिक आयु की मशीनरी से भाप और बैगास की अधिक खपत हो रही थी, जिसे अब ठीक किया जाएगा। 2024-25 सत्र में 4.49 लाख टन पेराई हुई, शेष निजी मिलों को चला गया।
नई मिल में 100 टीपीएच 67 बार हाई प्रेशर बॉयलर, 10 मेगावाट टरबाइन और वेरिएबल फ्रीक्वेंसी मोटरें लगेंगी। इससे 22 घंटे में पेराई पूरी हो सकेगी, सत्र छोटा होगा और किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा। डीसीएस ऑटोमेशन से रिफाइंड शुगर बनेगी, गुणवत्ता बढ़ेगी और बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी।
इससे रोजगार बढ़ेगा, किसानों की कमाई में इजाफा होगा और गन्ना क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव बनेगा। राज्य सरकार का यह कदम सहकारिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
