
भारत के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने वाली नल से जल योजना का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए आईआईटी मद्रास, प्रमुख विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय संगठन एकजुट हो गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल का सपना अब हकीकत बन रहा है, जिसके व्यापक परिणामों का आकलन आवश्यक है।
इस अध्ययन में महिलाओं के श्रमभार में कमी, बच्चों की पढ़ाई में सुधार और स्वास्थ्य स्तर में उन्नति जैसे पहलुओं पर गहन विश्लेषण होगा। शोधकर्ता घर-घर सर्वे, जल गुणवत्ता परीक्षण और सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के माध्यम से तथ्य संग्रह करेंगे।
आईआईटी मद्रास उन्नत तकनीकों जैसे जीआईएस मैपिंग और एआई विश्लेषण का उपयोग करेगा। अंतरराष्ट्रीय साझेदार वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का भारतीय संदर्भ में परीक्षण करेंगे।
प्रारंभिक आंकड़े दर्शाते हैं कि जल संग्रहण में औसतन 3-4 घंटे की बचत हो रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव परिवारों पर दिख रहा है। फिर भी, रखरखाव, लीकेज और दीर्घकालिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान होगा।
यह परियोजना भारत की सतत विकास लक्ष्यों को मजबूत करेगी। तीन वर्षीय अध्ययन चरणबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिससे नीति-निर्माताओं को तत्काल सुधार के अवसर मिलेंगे।
ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की इस यात्रा में वैज्ञानिक प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। परिणाम न केवल राष्ट्रीय स्तर पर उपयोगी होंगे, बल्कि वैश्विक जल प्रबंधन के लिए भी दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे।