
नैनीताल। केंद्रीय बजट 2026-27 में मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहन देने की बड़ी घोषणा से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में नई ऊमेद जगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत इस बजट में निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का ऐलान किया गया है। ये एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र होंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान, आयुष सुविधाएं, जांच, उपचारोत्तर देखभाल और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था होगी। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
कुमाऊं का प्राकृतिक सौंदर्य, शुद्ध हवा और शांतिपूर्ण माहौल इसे मेडिकल टूरिज्म के लिए आदर्श बनाता है। नैनीताल-भवाली क्षेत्र अब हेल्थ हब के रूप में उभर सकता है। होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह ने कहा कि भवाली का ब्रिटिश कालीन सनेटोरियम, जो कभी टीबी रोगियों का प्रमुख केंद्र था, अब जीर्ण-शीर्ण है। इसे आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बदलने से स्थानीयों को दिल्ली-बरेली की यात्रा से छुटकारा मिलेगा।
जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि मेडिकल और सामान्य पर्यटन का मेल राज्य के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। बेहतर वायु गुणवत्ता, जैविक भोजन और प्राकृतिक चिकित्सा से रोगियों की रिकवरी तेज होगी। भवाली सनेटोरियम व रामजे अस्पताल को टीबी व पुरानी बीमारियों के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। आयुष, योग, होमस्टे और स्थानीय संस्कृति जोड़कर मरीजों को अनोखा ‘उपचार के साथ आतिथ्य’ अनुभव मिलेगा।
बजट में वीजा सरलीकरण, सिंगल विंडो और विदेशी मरीजों की आसान पहुंच पर बल दिया गया है। यदि नैनीताल-भवाली को हब या विशेष परियोजना मिली तो विश्वस्तरीय अस्पताल, रिहैब सेंटर व वेलनेस रिसॉर्ट विकसित होंगे। इससे युवाओं को नौकरियां, पर्यटन उद्योग को बल और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कुमाऊं अब वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य बनने की ओर अग्रसर है।