
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट में हुए पत्थरबाजी के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस हिंसक घटना से जुड़े 18 लोग हिरासत में हैं। पुरानी दिल्ली के इस ऐतिहासिक इलाके में विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे, जब भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
मंगलवार शाम को शुरू हुए हंगामे में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नारेबाजी शीघ्र ही हिंसा में बदल गई। छतों और गलियों से पत्थर फेंके गए, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। आंसू गैस और लाठीचार्ज के बाद ही हालात नियंत्रण में आए।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से छापेमारी की। नवीनतम गिरफ्तार युवक इलाके के ही निवासी हैं, जो कथित तौर पर हमले का नेतृत्व कर रहे थे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाकी फरारों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
तुर्कमान गेट क्षेत्र में लंबे समय से भूमि विवाद और अनधिकृत निर्माण की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासी राहत की बात तो करते हैं, लेकिन भविष्य की आशंकाओं से चिंतित हैं। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और शांति बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
यह घटना दिल्ली की जटिल सामाजिक संरचना को उजागर करती है। अब अदालत में मामले की सुनवाई होगी, जहां सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। शहर प्रशासन को ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।