
हाईकोर्ट के अहम आदेश के बाद भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने खुशी से कहा कि ‘सत्य की जीत हुई है।’ यह फैसला न केवल उनके लिए राहत लेकर आया, बल्कि राजनीतिक पारदर्शिता की मजबूत पैरवी को भी मजबूती प्रदान की। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया यह निर्णय विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज कर गया।
गौतम ने कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत है। हमेशा से हमने झूठ का पर्दाफाश करने का संकल्प लिया था और आज न्यायपालिका ने इसे प्रमाणित किया।’ मामला गौतम के कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा था, जिस पर उन्होंने खुलकर बयान दिए थे।
कोर्ट ने मानहानि के दावों को आधारहीन बताते हुए गौतम के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा की। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक बहस को मजबूत करने वाला है। भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर #सत्यमेवजयते ट्रेंड कर रहा है।
गौतम ने आगे कहा कि वे भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेंगे। यह घटना न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता को रेखांकित करती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह विकास भाजपा के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है। आने वाले चुनावों में इसका असर दिखेगा। सत्य की यह जीत सभी सत्यनिष्ठ लोगों के लिए प्रेरणा बनेगी।