
त्रिपुरा सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाया है। ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नीति के तहत अब बिना हेलमेट के बाइक सवारों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। यह पहल राज्य में बढ़ती सड़क मौतों को रोकने का प्रयास है, जहां पिछले साल 400 से अधिक लोग काल के गाल में समा गए।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में आयोजित एक समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है। इस नीति के साथ स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, गरीब परिवारों के लिए सस्ते हेलमेट और पुलिस चेकपोस्ट पर सख्त जांच जैसे कदम भी लागू हो रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस को डिजिटल उपकरण दिए गए हैं, जिससे उल्लंघन की तुरंत रिपोर्टिंग संभव होगी। पहले अपराध पर 1000 रुपये जुर्माना और दोबारा पर वाहन जब्ती का प्रावधान है। ग्रामीण इलाकों में हेलमेट वेंडिंग मशीनें लगाई जा रही हैं।
वाहन चालकों की प्रतिक्रियाएं विभाजित हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे सराह रहे हैं, जबकि कुछ सवार असुविधा बता रहे हैं। अन्य राज्यों के सफल उदाहरणों से प्रेरित होकर त्रिपुरा 30 प्रतिशत तक मौतों में कमी की उम्मीद कर रहा है।
यह पहल न केवल हेलमेट उपयोग बढ़ाएगी, बल्कि रात में रिफ्लेक्टिव जैकेट जैसे अन्य उपायों से सड़कों को सुरक्षित बनाएगी। राज्य सरकार का संकल्प दृढ़ है—सुरक्षा पहले।