
अगरतला के अरुंधति नगर में त्रिपुरा पुलिस वीक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि 2025 में राज्य का कुल अपराध दर में 8.20 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो 2024 से काफी कम है। उन्होंने कानून व्यवस्था मजबूत करने और नशे के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों की सेवाओं, समर्पण और बलिदान को याद करते हुए साहा ने कहा कि कई अधिकारी कर्तव्यपथ में शहीद हो चुके हैं। ‘आपकी मेहनत से जनता सुरक्षित महसूस करती है। त्रिपुरा पुलिस की सतत प्रयासों से कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार आया है। इस सफलता पर सभी को बधाई।’
150 वर्षों की गौरवपूर्ण विरासत वाली त्रिपुरा पुलिस देश की प्राचीनतम बलों में शुमार है। अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों का मुकाबला करने हेतु साहा ने कौशल उन्नयन और उन्नत प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। गृह मंत्री के रूप में उन्होंने आंकड़े साझा किए—2025 में 3,698 मुकदमे जबकि 2024 में 4,033।
संपत्ति अपराध 16%, शरीर के विरुद्ध अपराध 14.54% और महिलाओं के खिलाफ 8.1% घटे। हर थाने में 24×7 महिला सहायता डेस्क और राज्य में नौ महिला थाने कार्यरत। ट्रैफिक सुरक्षा के लिए जीरो एक्सीडेंट योजना शुरू, 16 ब्लैक स्पॉट व 84 जोन चिह्नित, सभी जिलों में इंटरसेप्टर वाहन। 2025 में हादसे 8.82% व मौतें 13% कम हुईं।
नशामुक्ति में शून्य सहनशीलता नीति से एनडीपीएस मामले बढ़े, भांग उन्मूलन 94.71% व जब्ती-विनाश 92.70% अधिक, 1,641.89 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट। सीमा पर 576 घुसपैठिए व 102 दलाल पकड़े। साइबर थानों का आधुनिकीकरण, 953 कांस्टेबल (318 महिला) भर्ती, 916 अन्य व 218 एसआई की प्रक्रिया शीघ्र। वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।