
तमिलनाडु के त्रिची स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल से तीन दिन के नवजात शिशु के गायब होने की घटना ने राज्यव्यापी सनसनी फैला दी है। वैक्सीनेशन के बहाने बच्चे को मां की गोद से छीन ले जाने वाली महिला की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन शिशु की तलाश अभी जारी है। परिवार का दर्द और पुलिस की कार्रवाई के बीच अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छिड़ गई है।
थुरैयूर निवासी सुकन्या ने 11 फरवरी को अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। चचेरी बहन प्रेमा के साथ वे मातृत्व वार्ड में थीं। आरोपी महिला ने चेकअप का झांसा देकर शिशु को ले लिया। सीसीटीवी फुटेज से सुराग मिलने पर पुलिस ने एक को पकड़ा, लेकिन अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
आईपीसी की धारा 363 समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ है। विपक्षी नेता गोविंदराज ने घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की, बच्चे की सुरक्षित वापसी, परिवार को न्याय और सभी सरकारी अस्पतालों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने की अपील की।
यह हादसा गरीबों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की असुरक्षा को उजागर करता है। मातृत्व वार्डों में सख्त पहचान जांच और सीसीटीवी निगरानी जरूरी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि शिशु को जल्द बरामद कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। राज्य भर में जागरूकता बढ़ रही है।