
पिछले 11 वर्षों में भारतीय रेलवे ने यात्रा को अभूतपूर्व रूप से सुरक्षित और सुगम बना दिया है। असुरक्षित स्तर क्रॉसिंग समाप्त कर ओवरब्रिज बनाए गए, जिससे हादसों में भारी कमी आई।
कवच सिस्टम जैसी स्वदेशी तकनीकों ने टक्करों को रोका, जबकि विद्युतीकरण से 93 प्रतिशत नेटवर्क हरित हो गया। वंदे भारत ट्रेनों ने गति का नया आयाम जोड़ा।
स्टेशन पुनर्विकास से यात्रियों को वाई-फाई, एस्केलेटर व स्वच्छ सुविधाएं मिलीं। आईआरसीटीसी ऐप ने टिकटिंग को डिजिटल बना दिया।
2026-27 तक 7,900 किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण की योजना से रफ्तार बढ़ेगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने माल ढुलाई दोगुनी कर दी।
ये प्रयास न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि भारत को वैश्विक रेल नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं। रोज 2.3 करोड़ यात्रियों का भरोसा जीत चुकी रेलवे का सफर प्रेरणादायक है।