
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक ऐसी वारदात ने सबको स्तब्ध कर दिया है। तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर एक में नगर निगम के कुएं से शनिवार सुबह एक महिला और उसके छह माह के शिशु की लाशें मिलीं। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई उजागर करने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी सबसे पहले एक नगरपालिका कर्मचारी को हुई, जिन्होंने कुएं में शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने ग्रामीणों की मदद से लाशें बाहर निकालीं और पोस्टमार्टम के लिए भेज दीं।
मृतकों की पहचान झरोली गांव निवासी जयंती केवट (35) और उनके बेटे देवांश (6 माह) के रूप में हुई। जयंती अपने भाई के तेरहवीं संस्कार में हिस्सा लेने मायके तेंदूखेड़ा आई थीं, जिनका कुछ दिन पूर्व निधन हो गया था।
प्रारंभिक पूछताछ से पता चला कि जयंती ने पहले दो बच्चों को खोया था और लंबे समय से बीमार चल रही थीं। शुक्रवार शाम को उन्हें अंतिम बार घर पर देखा गया था। उसके बाद गायब होने पर तलाश शुरू हुई, जो कुएं पर जाकर थम गई।
एसडीओपी अर्चना अहिर ने बताया, ‘शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत का सटीक कारण जानने के लिए जांच जारी है। सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।’
यह घटना ग्रामीण इलाकों में मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। स्थानीय लोग सदमे में हैं और प्रशासन से कुओं की सुरक्षा व परामर्श सेवाओं पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। परिवार शोकाकुल है, जबकि जांच आगे बढ़ रही है।