
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आई-पैक कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के खिलाफ कलकत्ता की सड़कों पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना राज्य की राजनीति में भूचाल ला देने वाली साबित हुई है।
हजारों कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लहराते हुए नारेबाजी करते सड़कों पर उतरे। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया। ‘यह भाजपा का टीएमसी को कुचलने का षड्यंत्र है,’ एक वरिष्ठ नेता ने कहा। प्रदर्शनकारियों ने ईडी के कदम को चुनावी हथियार के रूप में देखा।
ईडी ने सुबह-सुबह आई-पैक के दफ्तर पर छापा मारा, जहां डिजिटल रणनीतियों के जरिए टीएमसी ने हालिया चुनावों में सफलता हासिल की थी। प्रतीक जैन, जो सीएम ममता बनर्जी के करीबी सलाहकार हैं, उनके घर से दस्तावेज जब्त किए गए। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की अटकलें हैं।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे लेकिन पुलिस की भारी व्यवस्था रही। अभिषेक बनर्जी समेत बड़े नेता मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। टीएमसी ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
यह घटना टीएमसी और केंद्र के बीच तनाव को और गहरााती है। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने के संकेत हैं। राज्य की जनता अब इस राजनीतिक नाटक को करीब से देख रही है।