
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लगातार छापेमारियों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने दिल्ली की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। संसद भवन के नजदीक हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में टीएमसी नेता नारेबाजी करते हुए केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाते दिखे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख सांसदों ने बीजेपी सरकार पर विपक्षी दलों को कुचलने का इल्जाम लगाया। ‘यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है,’ एक वरिष्ठ सांसद ने चिल्लाते हुए कहा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को घेर लिया और दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
चश्मदीदों के मुताबिक, हिरासत के दौरान हल्की धक्कामुक्की हुई, जिसमें सांसदों समेत समर्थकों को पुलिस वाहनों में ठूंस दिया गया। दोपहर तक 20 से अधिक लोग हिरासत में थे। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इसे ‘तानाशाही की निशानी’ बताते हुए संसद में मामला उठाने का ऐलान किया।
पश्चिम बंगाल से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों में ईडी की जांच के बीच यह घटना घटी है। टीएमसी इसे चुनावी साजिश बता रही है, जबकि एजेंसी जांच को वैध ठहरा रही है। हिरासत में लिए गए नेताओं को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जा रहा है। विपक्षी एकता को मजबूत करने का यह मौका टीएमसी के लिए सुनहरा साबित हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।