
दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इशारे पर जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध के बाद अब पार्टी पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक उत्पीड़न बताकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता प्रवीण खंडेलवाल ने इसे सस्ता तमाशा करार दिया।
प्रदर्शन का मुद्दा दिल्ली में बंगाली भाषियों के लिए बेहतर सुविधाएं था। सांसदों ने संसद भवन के पास सड़कों को जाम कर दिया। नारेबाजी और बाधा डालने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद कई सांसद हिरासत में लिए गए।
खंडेलवाल ने कहा, ‘ममता दीदी का फॉर्मूला पुराना है। पहले हंगामा, फिर आंसू बहाओ। दिल्ली वाले इस ड्रामे में नहीं फंसेंगे।’ उन्होंने बंगाल में टीएमसी की गुंडागर्दी का जिक्र करते हुए दोहरा चरित्र उजागर किया।
सूत्र बताते हैं कि ममता ने खुद फोन पर रणनीति बनाई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें सांसदों को पीड़ित दिखाया जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे दिल्ली चुनाव से जोड़ते हैं।
बंगाली समुदाय में प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ समर्थन में हैं, तो कई शर्मिंदा। खंडेलवाल ने सलाह दी कि टीएमसी बंगाल के मुद्दों पर ध्यान दे। यह घटना सत्ता-विपक्ष के बीच तनाव को और गहरा रही है। आने वाले दिनों में हलचल तेज हो सकती है।