
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की गर्मी के बीच टीएमसी विधायक नारायण गोस्वामी ने बिहार सरकार के मांस-मछली बिक्री पर प्रतिबंध को भाजपा का षड्यंत्र करार दिया है। बारासात में 19 फरवरी को बोलते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा बंगाल में आने पर मछली-भात जैसे पारंपरिक भोजन को भी बंद कर देगी।
ममता बनर्जी पहले ही इस फैसले की निंदा कर चुकी हैं और इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। गोस्वामी ने कहा, ‘बंगाली का भोजन मछली और चावल है। भाजपा हमारी फूड कल्चर को मिटाने पर तुली है, लेकिन बंगाली बुद्धिमान हैं, चुनाव में करारा जवाब देंगे।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री रामकृष्ण परमहंसदेव को ‘स्वामी’ कहने पर गोस्वामी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेता बंगाल के महापुरुषों का नाम ले रहे हैं क्योंकि बंगाल राष्ट्र को आगे सोचने वाला राज्य है। यहां से भारत के छह नोबेल विजेताओं में पांच हैं। भाजपा इस प्रतिभा को दबाना चाहती है।
गोस्वामी ने भविष्यवाणी की कि 2021 के प्रदर्शन का आधा भी रह गया तो भाजपा के लिए अच्छा होगा। स्वामी विवेकानंद, परमहंस या चैतन्य महाप्रभु के नाम लेने से कुछ नहीं होगा। यह विवाद बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।