
दक्षिण एशिया में हिंदू प्रभाव का विस्तार होने वाला है। देवकी नंदन ठाकुर ने एक सभा में दावा किया कि तिलकधारी और भगवाधारी न केवल भारत बल्कि बांग्लादेश व पाकिस्तान में भी शासन करेंगे। यह बयान धार्मिक उन्माद और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
ठाकुर ने जोर देकर कहा कि हिंदू प्रतीकों का युग आ गया है। ‘ये पवित्र चिन्ह इन देशों की सत्ता संभालेंगे,’ उन्होंने कहा। यह उद्घोषण भारत-पाकिस्तान सीमा विवाद और बांग्लादेश की आंतरिक अस्थिरता के बीच आया है।
आलोचक इसे विभाजनकारी बताते हैं, जो पड़ोसी संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं समर्थक इसे सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक मानते हैं। ठाकुर का यह बयान आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
क्षेत्रीय शक्तियों के बीच संतुलन बिगड़ने का खतरा है। क्या यह भविष्यवाणी साकार होगी या विवादास्पद बयान मात्र? समय ही बताएगा।