
भारत की चीता पुनर्वास परियोजना को नई गति मिलने वाली है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को घोषणा की कि बोत्सवाना से आठ चीतों का तीसरा जत्था 28 फरवरी को देश में प्रवेश करेगा। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ नई दिल्ली में बैठक के बाद दी गई।
बैठक में मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने, आरक्षित वनों का विस्तार और वन्यजीव संरक्षण पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सीएम ने नए चीतों के स्वागत की राज्य स्तर की तैयारियों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया और सहयोग का अनुरोध किया।
मीडिया से बातचीत में मोहन यादव ने कहा, ‘असम से जंगली भैंसें लाने का कार्य प्रगति पर है। बोत्सवाना से 28 फरवरी को आने वाले आठ चीतों के लिए आवश्यक इंतजामों पर चर्चा हुई।’
ग्वालियर-चंबल के श्योपुर में कुनो राष्ट्रीय उद्यान इस महत्वपूर्ण परियोजना का केंद्र है। 2022 में नामीबिया से आठ और 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। नौ वयस्क चीतों की मृत्यु के बावजूद शावकों के जन्म से कुल संख्या 30 से अधिक हो चुकी है।
नए जत्थे के लिए मंदसौर के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को दूसरा आवास बनाया गया है। हाल में कुनो से प्रभास, पावक और धीरा वहां भेजे गए। दिसंबर में बोत्सवाना टीम ने सभी सुविधाओं का निरीक्षण कर संतुष्टि जताई।
यह कदम चीता संरक्षण को मजबूत करेगा और मध्य प्रदेश को वन्यजीव हब के रूप में स्थापित करेगा।
