
हैदराबाद में रविवार को राजनीतिक उबाल देखने को मिला जब तेलंगाना पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को हिरासत में ले लिया। वे कामारेड्डी जिले के बांसवाड़ा जा रहे थे, जहां शुक्रवार को सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना ने पूरे राज्य में तनाव पैदा कर दिया है।
शनिवार रात से ही उनके तारनाका स्थित घर पर नजरबंदी थी। रविवार सुबह जब वे रवाना होने को तैयार हुए, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। समर्थकों ने घर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कुछ को गिरफ्तार भी करना पड़ा। रामचंदर राव को बोलारम थाने ले जाया गया।
इससे पहले मीडिया से बातचीत में राव ने कहा कि वे भाजपा विधायक के. वेंकट रमणा रेड्डी के समर्थन में जा रहे हैं, जिन पर हमला हुआ। उन्होंने दावा किया कि बांसवाड़ा में हिंदू संगठनों के बुलावे पर बंद के दौरान 100 भाजपा कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया। हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने तेलंगाना को आपातकाल बताया और कहा कि हिंदू पीड़ितों के पक्ष में बोलना अपराध हो गया है।
बांसवाड़ा में शुक्रवार शाम सुपरमार्केट में भक्ति गीत पर आपत्ति से शुरू हुई घटना मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, दो पुलिसकर्मी जख्मी हुए। इलाके में भारी पुलिस बल लगाया गया और दंगा के दो मामलों में 12 लोग गिरफ्तार किए गए।
कांग्रेस सरकार पर भाजपा ने दमन का आरोप लगाया है। यह घटना राज्य की शांति के लिए चुनौती बन गई है। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।