
हैदराबाद। तेलंगाना पुलिस ने लेखक व यूट्यूबर बोग्गुला श्रीनिवास की संदिग्ध मौत के पीछे की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। उनके करीबी दोस्त को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जो सुपारी किलरों को भेजकर इस वारदात को अंजाम दे चुका था।
14 फरवरी को खम्मम जिले के पलैर जलाशय में कार के अंदर श्रीनिवास का शव मिला था। मछुआरों ने देखा कि वाहन पानी में डूबा हुआ था और चालक भाग गया लगता था। लेकिन शव पर सिर की चोटें देखकर पुलिस को हत्या का शक हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद पहचान हुई तो परिवार ने दुर्घटना से इनकार कर दिया।
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले के अल्लूर गांव के रहने वाले 48 वर्षीय श्रीनिवास 2014 में अपनी किताब ‘पवन कल्याण हटाओ-राजनीति बचाओ’ से सुर्खियों में आए थे। किताब जारी होने पर उन्हें धमकियां मिली थीं। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच तेज की।
एक हफ्ते की मेहनत के बाद खम्मम ग्रामीण पुलिस ने वेणु माधव रेड्डी समेत तीन सुपारी किलरों—पी कोटेश्वर राव, शेख अब्दुल हफीज व अजमत अली—को पकड़ लिया। सहायक पुलिस आयुक्त तिरुपति रेड्डी ने बताया कि जीएसटी खाते के दुरुपयोग को लेकर वित्तीय विवाद था।
श्रीनिवास ने माधव रेड्डी को व्यापार के लिए अपना जीएसटी खाता इस्तेमाल करने दिया था। बाद में बकाया नोटिस आने पर नकद भुगतान की मांग की। गुस्साए आरोपी ने भद्राद्री कोठागुडेम के किलरों को सुपारी दी। नालगोंडा के नारकेटपल्ली के पास विजयवाड़ा जाते वक्त हत्या कर शव सहित कार जलाशय में ठेल दी।
पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला वित्तीय झगड़ों के खतरनाक रूप को उजागर करता है।