
हैदराबाद। करीमनगर नगर निगम के मेयर चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक भूचाल आ गया। रविवार को पांच पार्षदों ने सत्ताधारी कांग्रेस का दामन थाम लिया, जिससे भाजपा की सत्ता की महत्वाकांक्षाओं को करारा झटका लगा।
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के दो और तीन निर्दलीय पार्षद राज्य मंत्री पोन्नम प्रभाकर व डी. श्रीधर बाबू की उपस्थिति में औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हुए। इनमें साई ज्योति भी शामिल हैं, जो शुक्रवार को ही भाजपा में शामिल हुई थीं।
66 सदस्यीय निगम में भाजपा के पास 30, कांग्रेस के पास 14, बीआरएस के पास 9, एआईएमआईएम के पास 3 और 10 निर्दलीय सीटें हैं। मेयर पद के लिए 34 वोटों की जरूरत है, जिसमें एक्स-ऑफिशियो सदस्य शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने चार निर्दलीयों को भाजपा में मिलवाकर संख्या 34 की थी। लेकिन कांग्रेस ने पलटवार किया। एक निर्दलीय को वापस लिया, एआईएमआईएम का समर्थन हासिल किया और बीआरएस से भी मदद मांगी।
पांच नए सदस्यों से कांग्रेस की ताकत 31 हो गई, जो विधायकों के एक्स-ऑफिशियो वोटों से 33 पहुंच गई। बहुमत के लिए एक और वोट चाहिए। पार्षदों को हैदराबाद के होटल में सुरक्षित रखा गया है।
निजामाबाद निगम में भी भाजपा 28 डिवीजनों के साथ आगे है, लेकिन बहुमत दूर। सोमवार का चुनाव निर्णायक होगा।