
तेलंगाना सरकार ने सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़ों को रोकने के लिए ‘अराइव अलाइव’ अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है। यह अभियान राज्य की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां हर साल हजारों जिंदगियां सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं।
पिछले पांच वर्षों में 15,000 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और खराब सड़कें मुख्य कारण हैं। अभियान के तहत सभी 33 जिलों में सख्त निगरानी होगी। चेकपोस्ट पर अल्कोहल चेकर, एआई कैमरे से स्पीड ट्रैकिंग और हेलमेट चेकिंग अभियान चलेंगे।
परिवहन मंत्री ने कहा, ‘हर जिंदगी बहुमूल्य है। हम परिवारों के दर्द को कम करना चाहते हैं।’ स्कूलों में वर्कशॉप, डिजिटल बोर्डिंग और सोशल मीडिया से जागरूकता फैलाई जाएगी। कमर्शियल वाहनों पर ओवरलोडिंग पर भारी जुर्माना लगेगा।
50 करोड़ के बजट से ड्राइविंग ट्रेनिंग, ब्लैक स्पॉट सुधार और लाइटिंग बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे 30 फीसदी कमी आ सकती है। ग्रामीण इलाकों में लोकल लीडर्स के साथ कैंप लगेंगे।
यह अभियान केवल नियम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की मिसाल बनेगा। ड्राइवर, पुलिस और जनता मिलकर सड़कों को मौत की सवारी से सुरक्षित बनाएंगे। तेलंगाना सुरक्षित सफर का नया दौर शुरू करने को तैयार है।