
हैदराबाद। तेलंगाना ने मंगलवार को 18,139 मेगावाट की अभूतपूर्व चरम बिजली मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह राज्य के इतिहास की अब तक की सबसे अधिक पीक डिमांड है। अधिकारियों ने इस उपलब्धि की पुष्टि की है।
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने इसे राज्य की आर्थिक प्रगति और बिजली क्षेत्र की दक्षता का प्रतीक बताया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और विद्युत कर्मियों को बधाई दी, कहा कि इस चुनौती को पार करना उनकी बड़ी जीत है। गुणवत्ता पूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सराहनीय रहा।
छोटे आकार के बावजूद तेलंगाना ने मध्य प्रदेश (19,900 मेगावाट) और राजस्थान (19,600-20,600 मेगावाट) जैसे बड़े राज्यों को टक्कर दी है। पंजाब, हरियाणा, झारखंड व छत्तीसगढ़ से भी आगे निकल गया। आईटी, दवा, निर्माण और सिंचाई के तेज विकास ने बिजली खपत को आसमान छूने पर मजबूर कर दिया।
2024 में 15,623 मेगावाट से बढ़कर 2025 में 17,162 मेगावाट पहुंची, अब 18,139 मेगावाट। उपमुख्यमंत्री ने कहा, राज्य गर्मियों की आने वाली मांगों के लिए पूरी तरह सज्जन है। मजबूत ग्रिड, रणनीति और टीमवर्क हमारी पूंजी हैं।
कंट्रोल रूम से फील्ड तक सभी का योगदान उल्लेखनीय। तेलंगाना बिजली क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन रहा है, जो विकास की नई ऊंचाइयों को दर्शाता है।