
हैदराबाद के विधायी हलकों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार 30 जनवरी को विधायक दानम नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर सुनवाई करेंगे। खैरताबाद से 2023 में बीआरएस टिकट पर जीते नागेंद्र पर सत्ताधारी कांग्रेस की ओर झुकाव का आरोप लगा है, जिससे पार्टी के भीतर विवाद भड़क गया है।
अध्यक्ष ने नागेंद्र और याचिकाकर्ता बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी को नोटिस जारी कर तलब किया है। उसी दिन भाजपा फ्लोर लीडर ए. महेश्वर रेड्डी की दायर याचिका पर भी सुनवाई होगी।
पूर्व मंत्री नागेंद्र ने हलफनामा दाखिल कर याचिका खारिज करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीआरएस से इस्तीफा नहीं दिया और निलंबन का कोई नोटिस नहीं मिला। मार्च 2024 में कांग्रेस बैठक में उनकी मौजूदगी व्यक्तिगत थी।
इससे पहले अध्यक्ष ने 2024 में कथित रूप से कांग्रेस जॉइन करने वाले 10 में से 7 बीआरएस विधायकों की अयोग्यता याचिकाएं खारिज कीं, क्योंकि याचिकाकर्ता कांग्रेस में शामिल होने का प्रमाण नहीं दे सके।
पिछले साल आठ विधायकों पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रखे गए, संजय कुमार का फैसला बाकी है। नागेंद्र व कादियम श्रीहरि ने नोटिस का जवाब न देकर सुनवाई टाल दी।
बीआरएस का कहना है कि ये विधायक खुलेआम कांग्रेस में शामिल हुए, ट्रेजरी बेंच पर बैठे। नागेंद्र ने सिकंदराबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा, श्रीहरि ने बेटी कविया का प्रचार किया। विधायकों का दावा है कि सीएम रेवंत रेड्डी से विकास कार्यों के लिए मिले।
सुनवाई का फैसला तेलंगाना की सियासत की दिशा बदल सकता है।