
बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान ने हंगामा मचा दिया है। सत्ताधारी खेमे में खुशी की लहर है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि भाजपा ने दबाव डालकर उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
पटना में पत्रकारों से बातचीत में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने संवेदना जताते हुए कहा कि नीतीश कुमार के साथ हम होते तो शायद उन्हें यह दिन न देखना पड़ता। उन्होंने भाजपा पर लगातार दबाव बनाने का आरोप लगाया। नीतीश ने बिहार की सेवा 20 साल तक की, इसके लिए हम आभारी हैं।
तेजस्वी ने गठबंधन के पुराने दिनों का जिक्र किया। हमने नीतीश सरकार में दूसरी बार डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी निभाई। 28 जनवरी 2024 को बिना वजह उन्होंने गठबंधन तोड़ा। तब भी हमने चेतावनी दी थी कि भाजपा जदयू को मिटाना चाहती है।
चुनावी दौरान हमने कहा था कि नीतीश को घोड़ी चढ़ाई लेकिन फेरे किसी और के लिए। भाजपा ओबीसी, दलित, आदिवासी नेताओं को बर्दाश्त नहीं करती जो न्याय की बात करें। निशांत कुमार के राजनीति में आने पर तेजस्वी ने स्वागत किया। नीतीश के नामांकन में अमित शाह समेत कई नेता मौजूद रहे। यह बिहार राजनीति का नया मोड़ है।