
पटना में गुरुवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने अवैध घुसपैठियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर सवाल दागे। उन्होंने एनडीए सरकार के 21 साल के शासन को जिम्मेदार ठहराया।
तेजस्वी ने पत्रकारों से कहा, ‘बिहार में 21 वर्षों से एनडीए की सरकार है। केंद्र में भी उनकी सत्ता। फिर भी घुसपैठ की बात? इसे रोकना उनकी जिम्मेदारी थी, जो पूरी नहीं हुई।’ उनका बयान सत्ताधारी गठबंधन पर गहरा प्रहार था।
उन्होंने चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन का हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट को शपथ-पत्र में बिहार में घुसपैठियों की अनुपस्थिति की पुष्टि की गई। ‘चुनाव आते ही भाजपा ऐसी बेकार बातें कर लोगों को लड़ाती है,’ उन्होंने आरोप लगाया।
अमित शाह अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट ‘लेटी’ और ‘इंदरवा’ का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा के 10 किमी अंदर सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे और घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। ‘यह चुनावी वादा नहीं, केंद्र का संकल्प है।’
तेजस्वी ने सीएजी रिपोर्ट का जिक्र कर आवास योजना में 24 घंटे में घर बनने के घोटाले को उजागर किया। ‘खजाने की सबसे बड़ी चोरी। विधानसभा में चर्चा हुई, लेकिन सरकार चुप।’ राज्यसभा चुनाव पर उन्होंने कहा, ‘हम लड़ेंगे और जीतेंगे।’
यह विवाद बिहार की सियासत को और गरमा रहा है, जहां सुरक्षा और भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे बन गए हैं।