
चेन्नई। तमिलनाडु में प्राथमिक शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। फरवरी के तीसरे सप्ताह से 14,000 से अधिक स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए 100 दिवसीय लर्निंग चैलेंज शुरू होगा। इसका मुख्य लक्ष्य पढ़ने की क्षमता और बुनियादी गणितीय कौशलों को मजबूत करना है।
यह कार्यक्रम 2024-25 सत्र के पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर आधारित है, जिसमें 4,552 प्राथमिक स्कूलों में छात्रों का मूल्यांकन किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा विकसित टूल से तमिल-अंग्रेजी पढ़ाई और जोड़-घटाव जैसे गणितीय अभ्यासों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2024 में शुरू हुई ओपन चैलेंज ने शानदार नतीजे दिए। यह नियमित कक्षाओं के साथ विशेष अभियान के रूप में चला, जिससे छात्रों की दक्षता में निरंतर सुधार आया।
इसकी नींव नवंबर 2024 में पड़ी, जब शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने टी. पुदुर प्राथमिक स्कूल का दौरा किया। वहां छात्रों के स्तर को देखकर उन्होंने समयबद्ध हस्तक्षेप की वकालत की।
100 दिनों तक सतत निगरानी और मूल्यांकन सुनिश्चित होगा। यह विस्तार प्राथमिक साक्षरता और संख्यात्मकता को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे लाखों बच्चों को लाभ मिलेगा।