
चेन्नई। चुनावों की आहट के बीच तमिलनाडु विधानसभा ने अपने अंतरिम बजट सत्र को 20 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है। स्पीकर एम. अप्पावु की अगुवाई में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो राज्य की वित्तीय योजनाओं पर गहन चर्चा का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मंगलवार को वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए अंतरिम बजट पेश किया। चुनावी माहौल में यह बजट राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है।
इसके ठीक बाद कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कृषि क्षेत्र के लिए अलग अंतरिम बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कृषि अवसंरचना मजबूत करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, मशीनीकरण को प्रोत्साहन और किसान कल्याण योजनाओं पर जोर दिया।
डीएमके सरकार की यह पहल कृषि को मजबूत आधार प्रदान करने पर केंद्रित है। बजट पेश होने के बाद बीएसी ने सत्र का शेड्यूल तय किया, जिसमें 18 और 19 फरवरी को सामान्य चर्चा होगी।
सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इस बहस में राजकोषीय नीतियों, कल्याण योजनाओं के बजट और चुनावी वादों पर सवाल उठाएंगे। सत्र के समापन पर सरकार अपनी आर्थिक रणनीति का बचाव करेगी, जो मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बनेगा।