
चेन्नई में डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन में रविवार से सीट बंटवारे पर महत्वपूर्ण बैठकें शुरू होने वाली हैं। सत्ताधारी डीएमके 2021 विधानसभा चुनावों के सफल सूत्र को दोहराने की ओर इशारा कर रही है, लेकिन सहयोगी दल अधिक सीटों की मांग को लेकर दबाव बना रहे हैं।
पिछले चुनाव में डीएमके ने 234 में से 188 सीटों पर अपनी ताकत आजमाई, कांग्रेस को 25 और बाकी सहयोगियों को एकाध सीटें दीं। इस बार डीएमडीके और कमल हासन की एमएनएम के जुड़ने से समीकरण उलझ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, डीएमके पहले प्रत्येक दल को कुल सीटों की संख्या बताएगा, फिर खास विधानसभा क्षेत्रों पर बहस होगी। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘सभी ने अपनी पसंदीदा सीटों की फेहरिस्त सौंप दी है, चर्चा चरणबद्ध चलेगी।’
वामपंथी दल, जो 2021 में छह सीटों पर अटक गए, अब दो अंकों की मांग कर रहे हैं। एमडीएमके को नए दलों के कारण अपनी पुरानी 15 सीटों वाली हिस्सेदारी में कटौती का डर सता रहा है। डीएमडीके को 6-8 सीटें मिल सकती हैं।
एमएनएम ने 2024 लोकसभा में बिना लड़े समर्थन देकर हासन को राज्यसभा दिलाया। हासन ने कहा कि वे सीधे बातचीत में नहीं, लेकिन मांगें समय पर बताई जाएंगी और गठबंधन की एकता जरूरी है।
डीएमके को सहयोगियों की महत्वाकांक्षाओं को संतुलित कर अपनी ताकत बनाए रखनी है। यह मंथन गठबंधन की मजबूती तय करेगा।