
रायबरेली, 8 मार्च। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को यहां एक सभा में सरकारों पर गौ संरक्षण के वादों से मुकरने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश जनता गायों को मां का दर्जा देने और उनकी हत्या को अपराध बनाने की इच्छुक है, लेकिन वोटों से बनी सरकारें इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही हैं।
स्वामी जी ने वर्तमान शासनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये भी वोट मांगते समय गौ रक्षा कानून लाने का वचन देती हैं, किंतु सत्ता में आकर गौमाता की दशा और खराब कर देती हैं। बीफ निर्यात तो पुरानी सरकारों को कोसों पीछे छोड़ चुका है।
देशभर के गौ भक्त अब 78 वर्षों की प्रतीक्षा से तंग आ चुके हैं। ‘अब देरी न करें, फैसला लीजिए,’ उन्होंने आह्वान किया। सरकारें आवाज दबाने के लिए धमकियां, रिश्वत और मुकदमों का सहारा ले रही हैं, लेकिन यह आवाज किसी एक की नहीं, बल्कि राष्ट्र की संस्कृति और बहुसंख्यक हिंदुओं की है।
राजनीतिक पक्ष-विपक्ष पर व्यंग्य करते हुए स्वामी ने कहा, ‘हिंदू के लिए पक्ष वही जो हमारी पीड़ा में साथ खड़ा हो। जो पीड़ा देता या चुप रहता है, वही विपक्ष। भाजपा खुद को हिंदू पार्टी कहती है, लेकिन चोटी उखाड़े जाने, बटुकों पर अत्याचार और सनातन प्रतीकों के अपमान पर मौन। इससे साफ है कि हिंदू पीड़ा में साथ न खड़े होने वाले हिंदू-विरोधी ही सिद्ध होते हैं।’
स्वामी का उद्बोधन गौ रक्षा आंदोलन को नई गति देगा।