
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बेलडांगा में हुई भयानक हिंसा को लेकर राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस को पत्र लिखा है। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, क्योंकि मुरशिदाबाद जिले के इस इलाके में हाल ही में हिंसा ने भयंकर रूप धारण कर लिया।
अधिकारी के पत्र में घटना का पूरा विवरण दिया गया है। गवाहों के अनुसार, भीड़ ने घरों पर हमला किया, संपत्ति नष्ट की और निर्दोष लोगों पर लाठियां बरसाईं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं ने विपक्ष समर्थकों को डराने के लिए यह सब किया। ‘कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है,’ पत्र में लिखा है। उन्होंने केंद्रीय बल तैनाती और जांच की मांग की।
बेलडांगा पहले भी सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा का शिकार रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलते वाहन और भागते परिवार दिख रहे हैं। राज्यपाल बोस, जो राज्य की समस्याओं पर सक्रिय रहते हैं, पर अब दबाव बढ़ गया है।
अधिकारी ने कमजोर वर्गों की सुरक्षा और उच्च स्तरीय जांच की अपील की। टीएमसी ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है। आगामी चुनावों के मद्देनजर बंगाल की शांति खतरे में है। राज्यपाल का जवाब निर्णायक साबित होगा।