
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग द्वारा सात सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को निलंबित करने के निर्णय का जोरदार स्वागत किया। दिल्ली रवाना होने से पूर्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर इन गड़बड़ियों का जिम्मेदार ठहराया।
अधिकारी ने कहा कि यह पहला मौका है जब आयोग ने सीधे अपनी शक्ति का प्रयोग किया है। पहले केवल मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों ने फर्जी स्कूल सर्टिफिकेट और पैन कार्ड स्वीकार कर 13 दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह सब मुख्य सचिव के दबाव में हुआ, जो ममता बनर्जी के इशारे पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का रैकेट चला रही हैं। उन्होंने फॉर्म-7 की शिकायतों पर कार्रवाई न करने और आयोग की फाइलें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की प्रथा की आलोचना की। ‘किसी अन्य राज्य में ऐसा नहीं होता, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी चुनावी फाइलों में दखल नहीं देते।’
अधिकारी का मानना है कि आयोग ने अब सही कदम उठाया है। यह घटना राज्य की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।