
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील ने सूरत के आम नागरिकों के जीवन में गहरा प्रभाव डाला है। यहां की महिलाएं और युवा विशेषज्ञ अपने फैसलों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। विदेशी डेस्टिनेशन वेडिंग को रद्द कर स्थानीय आयोजन का मार्ग चुना जा रहा है, जबकि कारपूलिंग को बढ़ावा मिला है।
व्यवसायी कृतिका शाह ने बताया कि परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं और विदेश में भव्य समारोह की योजना थी। लेकिन पीएम की अपील से प्रेरणा लेकर इसे सूरत में ही करने का निर्णय लिया। सोने की खरीद सीमित कर इमिटेशन और पारिवारिक हेरिटेज ज्वेलरी का सहारा लिया गया। कृतिका बोलीं, ‘भारतीय साड़ियों के संग ये गहने लाजवाब लगते हैं और खर्च भी कम होता है।’
आर्किटेक्ट प्रांजल पटेल ने भी इस अभियान को अपनाया। ऑफिस के लिए निजी गाड़ी छोड़ पिता संग कारपूलिंग या बस का उपयोग कर रही हैं। दोस्तों के विदेशी टूर प्लान को कैंसिल कर देश के पर्यटन स्थलों की सैर करेंगी। उनका कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षित रहेगा।
सूरत की ये महिलाएं मानती हैं कि मोदी और हर्ष सांघवी की पुकार आर्थिक बचत से कहीं आगे है। यह प्रदूषण घटाने, ईंधन सुरक्षित रखने का माध्यम बनेगी। युवाओं से ‘वोकल फॉर लोकल’ से जुड़ने का आह्वान कर रही हैं, जो देशहित में एक बड़ा कदम है।
