
पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने आगामी निकाय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। आईएएनएस को दिए विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘हर चुनाव का अपना अलग मॉडल होता है, लेकिन निकाय चुनाव पूरी तरह बुनियादी मुद्दों पर आधारित होते हैं।’
सुले ने स्पष्ट किया कि विधानसभा या लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय एजेंडे हावी रहते हैं, जबकि नगर निगम और नगरपालिका चुनावों में जलापूर्ति, सड़कें, सफाई और कचरा प्रबंधन जैसे स्थानीय मुद्दे प्रमुख रहते हैं। ‘लोग यहां वही देखते हैं जो उनकी जिंदगी को सीधे प्रभावित करता है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। पुणे की खराब सड़कें, मुंबई की जलभराव की समस्या और नागपुर का कचरा संकट—ये सभी विफलताओं के प्रतीक हैं। सुले ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही ने नागरिकों को परेशान कर दिया है।
आगामी चुनावों में अपनी पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सुले ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुने और समाधान का वादा करें। ‘नारे नहीं, काम की राजनीति ही जीत दिलाएगी,’ उनका मानना है।
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सुप्रिया सुले का यह बयान विपक्ष के लिए रणनीतिक दिशा प्रदान करता है। बुनियादी मुद्दों पर फोकस करके ही पार्टियां जनता का भरोसा जीत सकती हैं। यह चुनाव साबित करेगा कि स्थानीय स्तर पर वास्तविक शासन कौन प्रदान कर सकता है।