
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म के टाइटल और रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने स्पष्ट कहा कि फिल्म का नाम यादव समुदाय की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता। यह फैसला फिल्म की रिलीज के रास्ते में आई आखिरी बाधा को दूर करता है।
फिल्म के ट्रेलर में यादव लड़की और एक अन्य वर्ग के व्यक्ति के प्रेम संबंध दिखाए गए हैं, जिससे यूपी के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। पोस्टर जलाए गए, नारेबाजी की गई और सोशल मीडिया पर बहिष्कार की मांग जोर पकड़ ली। प्रगति तिवारी सहित याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि इससे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचेगी।
लेकिन कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मामले से तुलना को गलत ठहराया। सेंसर बोर्ड ने पहले ही सर्टिफिकेट जारी कर रिलीज को हरी झंडी दे दी थी। अब 27 फरवरी को फिल्म सिनेमाघरों में धमाल मचाने को बेताब है।
यह निर्णय सिनेमा की स्वतंत्रता को मजबूती देता है। विवादों के बीच फिल्म को मिली यह जीत बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बना सकती है। समाज और सिनेमा के बीच संतुलन की यह मिसाल बनी रहेगी।