
सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ा निर्देश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने ममता बनर्जी सरकार को सभी संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है।
यह नोटिस उस सुनवाई के दौरान जारी किया गया जब अदालत ने राज्य की ओर से सबूत संरक्षण में लापरवाही पर नाराजगी जताई। जस्टिस ने स्पष्ट कहा कि फुटेज के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आई-पैक, जो चुनावी रणनीतियों के लिए जाना जाता है, पर कई अनियमितताओं के आरोप हैं। इस मामले में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आ रही हैं।
राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहा है।
सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें फुटेज की सुरक्षा के सभी उपायों का ब्योरा हो। गैर-अनुपालन पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
यह आदेश भविष्य के मामलों के लिए मिसाल कायम करता है। न्यायपालिका ने एक बार फिर साबित किया कि साक्ष्यों की रक्षा में कोई समझौता नहीं होगा। मामला आगे बढ़ने पर नजरें बंगाल पर टिकी हैं।