
नई दिल्ली: केंद्र और राज्य के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को पुलिस ने रोक दिया, जिसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गत सप्ताह ईडी की टीम सॉल्टलेक स्थित आई-पैक कार्यालय पहुंची, जहां कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच होनी थी। अभिषेक बनर्जी से जुड़े इस राजनीतिक सलाहकार फर्म पर नगर निगम भर्ती घोटाले के पैसे की धुलाई का आरोप है। लेकिन भारी पुलिस बल ने एजेंसी को अंदर घुसने नहीं दिया। घंटों चले हंगामे के बाद टीम लौटनी पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट में ईडी के वकील ने कहा कि राज्य तंत्र संवैधानिक संस्थाओं के रास्ते में बाधा डाल रहा है। पीएमएलए कानून के तहत छापेमारी के पूर्ण अधिकार हैं, फिर भी अवरोध हुआ। जस्टिस बेला त्रिवेदी की बेंच ने एक सप्ताह में राज्य का पक्ष मांगा।
आई-पैक ममता बनर्जी की टीएमसी के चुनावी अभियानों का मुख्य आधार है। डेटा एनालिटिक्स से वोटर टारगेटिंग में माहिर यह फर्म कई जीत का राज है। जांच में हवाला रूट्स से फंडिंग के सुराग मिले हैं।
राजनीतिक हलकों में यह केस सेंटर-स्टेट संघर्ष का प्रतीक बन गया। विपक्ष ईडी पर बदले की राजनीति का आरोप लगा रहा, जबकि भाजपा पूर्ण स्वतंत्र जांच की मांग कर रही। सुप्रीम कोर्ट का फैसला भविष्य की कार्रवाइयों का रुख तय करेगा।