
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने संसद में विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिशों को लोकतंत्र के लिए घातक बताया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सदन की कार्यवाही रात आठ बजे तक सुचारू रूप से चली, जो देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली चर्चा का सही उदाहरण है।
भगत ने जोर देकर कहा कि संसद सत्ताधारी दल का निजी मंच नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मूल आधार है। विपक्ष को बोलने का पूरा अवसर देना सत्ता पक्ष की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जो संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक आदर्शों का पालन करता है।
उन्होंने स्पीकर की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आसन सत्ता की सुविधा के अनुसार चलेगा, तो व्यवधान स्वाभाविक हैं। संवेदनशील मुद्दों जैसे अविश्वास प्रस्ताव पर आसन को कानूनी बाध्यता से ऊपर नैतिक कर्तव्य निभाना चाहिए। संविधान और परंपराओं का सम्मान अनिवार्य है।
भगत ने दिल्ली की बदहाल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी चिंता जताई। रोहिणी सेक्टर-32 में खुले नाले में 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद जहांगीरपुरी में गड्ढे में गिरकर एक अन्य की जान गई। राजधानी में ऐसी लापरवाही अन्य शहरों की कल्पना से परे है।
सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय हो और ठोस उपाय किए जाएं। केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं, सुरक्षा मानकों को मजबूत करना जरूरी है।