
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधानसभा में गुरुवार को अपनी सरकार के रवैये का बचाव किया। उन्होंने साफ कहा कि विरोध प्रदर्शन करने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी को जेल नहीं भेजा गया है।
सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान एआईएडीएमके सदस्य के सवाल पर स्टालिन ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीएमके शासन में कर्मचारियों के खिलाफ कोई सख्ती नहीं बरती गई।
“हमने आंदोलनरत कर्मचारियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं डाला। तमिलनाडु आवश्यक सेवा अधिनियम जैसे कठोर कानूनों का सहारा भी नहीं लिया,” स्टालिन ने कहा।
पूर्व एआईएडीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में शिक्षकों व कर्मचारियों को हिरासत में लेकर रात भर थाने में रखा जाता था। कईयों को जेल भी हो गई।
पूर्व सीएम एडप्पाडी पलानीस्वामी की वेतन संबंधी अपमानजनक टिप्पणियों की भी उन्होंने निंदा की। वहीं, सुनिश्चित पेंशन योजना को 23 वर्ष पुरानी मांग पूरी करने वाला बताया।
कर्मचारियों ने इसकी सराहना में उनके कार्यालय में मिठाई भेंट की। स्टालिन ने कहा कि कल्याण योजनाओं से कर्मचारियों की खुशी से विपक्ष असहज है। यह बयान राजनीतिक टकराव को नई ऊंचाई दे रहा है।