
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस ने डिजिटल गलत सूचनाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। बुधवार को सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और पूर्व महापौर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने बताया कि विश्वसनीय इनपुट्स के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें झूठी और मनगढ़ंत खबरें भय फैलाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अवैध गतिविधियों को भड़काने के इरादे से पोस्ट की गईं। ‘सामग्री प्रारंभिक जांच में गलत पाई गई, जो सार्वजनिक शांति और सामाजिक एकता को खतरे में डाल सकती है,’ बयान में कहा गया।
इस तरह के जानबूझकर प्रयास क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं। साइबर पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 197(1)(घ) और 353(1)(ख) के तहत दो एफआईआर नंबर 02/2026 और 03/2026 दर्ज हो चुकी हैं। जांच तेजी से चल रही है।
श्रीनगर पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई। लोगों से अपील की गई कि शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री से दूर रहें। कानूनी कार्रवाई तय है।
इधर, कश्मीर घाटी में तीसरे दिन भी पाबंदियां जारी। सभी शैक्षणिक संस्थान 7 मार्च तक बंद, कश्मीर यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं स्थगित। यह कदम डिजिटल और भौतिक दोनों खतरों से निपटने का हिस्सा है।
यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर बहस छेड़ती है, खासकर प्रभावशाली लोगों द्वारा। जांच के नतीजे भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।