
गुजरात के वेरावल तट पर बसा सोमनाथ मंदिर भारत के उन पावन स्थलों में से एक है, जिसकी कहानी टूटने से कहीं ज्यादा जीवट की है। सदियों में सात बार ध्वस्त होने के बावजूद, हर बार यह भक्तों की निष्ठा से पुनर्निर्मित हो उठा। इतिहास गवाह है कि 1026 में महमूद गजनवी से लेकर औरंगजेब तक कई आक्रमणकारियों ने इसे लूटा। स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने इसके गौरव को बहाल किया। आज, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हैरिटेज कॉरिडोर और नई पर्यटन सुविधाओं के साथ सोमनाथ वैश्विक तीर्थराज बनने की ओर अग्रसर है।
