
गुजरात के सोमनाथ में आयोजित स्वाभिमान पर्व ने इतिहास और विकास का अनोखा संगम रचा है। शिक्षा मंत्री जीतू वघाणी ने क्षेत्रीय वाइब्रेंट समिट में कहा कि यह आयोजन निवेशकों के लिए नए द्वार खोल रहा है।
सोमनाथ मंदिर के पावन परिसर में केंद्रित यह पर्व सांस्कृतिक गौरव को आर्थिक उन्नति से जोड़ता है। वघाणी ने जोर देकर कहा, ‘यह केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि जीवंत मंच है जो वैश्विक निवेश को आकर्षित कर रहा है।’
समिट में उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और विदेशी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन, बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा पर चर्चा हुई। अरबों के एमओयू साइन हुए, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक प्रवचन और विरासत भ्रमण ने हजारों को आकर्षित किया। स्थानीय कारीगरों ने हस्तशिल्प प्रदर्शित किए, गुजराती व्यंजनों ने स्वाद बिखेरा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की दृष्टि और पीएम मोदी के विकसित भारत अभियान से जुड़कर यह आयोजन सशक्त हुआ। सड़क, हवाईमार्ग सुधार से सोमनाथ की पहुंच बढ़ेगी।
समिट समाप्ति पर वघाणी ने कहा, ‘निवेश के नए द्वार खुले हैं, जो पीढ़ियों के लिए टिकाऊ विकास सुनिश्चित करेंगे।’ यह गुजरात के विकास मॉडल का नया अध्याय है।