
हैदराबाद में फोन टैपिंग मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। गुरुवार को भेजे गए इस नोटिस में शुक्रवार सुबह 11 बजे सहायक पुलिस आयुक्त पी. वेंकटगिरि के समक्ष हाजिर होने का आदेश दिया गया है।
जांच के दौरान केटीआर के मामले से जुड़े तथ्यों से अवगत होने की बात सामने आई है, इसलिए उनका बयान लेना जरूरी बताया गया। एसआईटी ने चेतावनी दी कि बिना ठोस वजह नोटिस न मानने पर कानूनी कार्रवाई होगी। यह नोटिस दो दिन पहले टी. हरीश राव से सात घंटे की लंबी पूछताछ के बाद आया है, जो बीआरएस के किसी शीर्ष नेता की पहली जांच थी।
यह विवाद बीआरएस शासनकाल से जुड़ा है, जब कथित रूप से राजनीतिक दुश्मनों, व्यापारियों, पत्रकारों और जजों के फोन अवैध रूप से टैप किए गए। मार्च 2024 में पंजागुट्टा थाने में एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि एसआईबी में एक खास टीम बनाई गई थी।
मुख्य आरोपी पूर्व एसआईबी प्रमुख टी. प्रभाकर राव हैं, जिनके साथ डीएसपी डी. प्रणीथ राव, एएसपी तिरुपथन्ना, एन. भुजंग राव, पूर्व डीसीपी राधा किशन राव और चैनल मालिक श्रवण कुमार नाम शामिल हैं। हरीश राव ने पूछताछ के बाद कहा कि यह सीएम रेवंत रेड्डी के साले के भ्रष्टाचार उजागर करने का बदला है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ही एसआईटी से ज्यादा सवाल किए।
केटीआर की पूछताछ से केस में नई मोड़ आ सकता है। बीआरएस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि जांच टीम निष्पक्षता का दावा कर रही। तेलंगाना की सियासत में यह मामला आगामी दिनों में और गरमाएगा।
