
गुंटूर: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में 9,000 से अधिक डाक कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश इंडिया पोस्ट के परिवर्तन की प्रक्रिया में सबसे आगे है। उन्होंने आंध्र प्रदेश को इस यात्रा की अगली कतार का बल बताया।
मंच पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे। सिंधिया ने इस अवसर को भावुक बताया और नायडू के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नायडू ने उनकी दादी विजया राजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया के साथ निकटता से काम किया था।
सिंधिया ने आंध्र के एक छोटे कस्बे का नाम ‘सिंधिया’ बताते हुए परिवार की विरासत से जुड़ाव व्यक्त किया। उन्होंने अपने परदादा द्वारा आजादी से पूर्व तटीय क्षेत्र में जहाजरानी व्यवसाय शुरू करने की बात कही।
ग्रामीण डाक सेवकों को भारत माता का चमकदार रत्न बताते हुए सिंधिया ने कहा कि ये गांवों की समस्याओं और आकांक्षाओं को सबसे अच्छे ढंग से समझते हैं। ये जम्मू-कश्मीर के बर्फीले पहाड़ों से लेकर आंध्र के समुद्र तट तक हर परिस्थिति में सेवा देते हैं। देश के 6.5 लाख गांवों में ये सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु हैं।
पिछले कार्यकाल में उन्होंने जीडीएस के लिए छाता, जूते, स्टेशनरी और साइकिल भत्ता शुरू किया था। 2009 में गजट अधिसूचना से उनके बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश का अधिकार दिलाया।
देश में 38 करोड़ से अधिक डाकघर बचत खाते चल रहे हैं, जिनमें 22 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। यह जनता के भरोसे का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ दृष्टिकोण से इंडिया पोस्ट को नया स्वरूप दिया जा रहा है। आंध्र प्रदेश की तेज विकासशील अर्थव्यवस्था पार्सल क्रांति में अग्रणी होगी। कृषि निर्यात, एमएसएमई और ई-कॉमर्स के बढ़ने से अंतिम छोर तक वितरण की मांग बढ़ रही है। 1.65 लाख डाकघरों के नेटवर्क से इंडिया पोस्ट प्रतिस्पर्धा में मजबूत रहेगा।